भारत में कॉमिक्स के शुरूआती दौर से ही विदेशी चित्रकथाओं और उनके लोकप्रिय पात्रों के प्रति दीवानगी रही है और यही कारण है कि ज्यादातर भारतीय प्रकाशकों ने नए मूल पात्रों की रचना करने और चित्रकथाएँ बनाने के स्थान पर इन पहले से ही लोकप्रिय कॉमिक्स का ही पुनः प्रकाशन करना ज्यादा पसंद किया और यही कारण है कि लोकप्रिय विदेशी कॉमिक्सों को प्रकाशित करने वालों की एक बहुत ही लम्बी लिस्ट है जिसमें इंद्रजाल कॉमिक्स, स्टार कॉमिक्स IBH, किरन कॉमिक्स और फाल्कन कॉमिक्स जैसे प्रकाशन मुख्य हैं.
इसी कड़ी में आज बात करते हैं एक बेहद ही अनजाने से प्रकाशन की जो हैं कमल प्रकाशन. इनका प्रकाशन दिल्ली से हुआ था. मेरी जानकारी के अनुसार इसमें केवल दो ही प्रमुख कॉमिक्स श्रृंखलाएं प्रकाशित हुई थी.
पहली थी दिलावर जो कि एड्गेर राइस के लोकप्रिय कॉमिक्स टार्ज़न/कोरक का ही पुनः प्रकाशन था.
चट्टान से मजबूत, शेर से ज्यादा बहादुर, जंगल का बेटा
दूसरी थी मोटू पतलू जो कि विश्व प्रसिद्ध हास्य जोड़ी लौरेल एंड हार्डी का हिंदी पुनः प्रकाशन था.
(डायमंड कॉमिक्स में प्रकाशित मोटू-पतलू से इनका कोई सम्बन्ध नहीं है केवल नामों की समानता है बस.)
इनके अतिरिक्त कुछ कॉमिक्स और प्रकाशित हुई जरूर हैं जिसमें से एक बहुत पहले किसी कॉमिक्स ब्लॉग पर मिली थी - गूंगी लड़की का बदला (राम-रहीम सीरीज) जो कि काफी हद तक टिनटिन के चरित्रों से प्रेरित था. वैसे इसमें डायमंड कॉमिक्स के चिम्पू सीरीज की छवि नजर आती है क्योंकि दोनों के ही चित्र अनवर सिद्दीकी जी ने बनाये हैं.
कितनी किताबें प्रकाशित हुई मैं निश्चित नहीं हूँ. इन्टरनेट पर ख़ाक छानने के बाद इतना अवश्य तय है कि कम से कम चार-चार कॉमिक्स तो जरूर प्रकाशित हुई हैं.
दिलावर सीरीज के अंतर्गत ज्ञात प्रकाशित चित्रकथाओं की सूची
| अंक | चित्रकथा का मुख्य शीर्षक | प्रकाशन वर्ष | मूल्य | आवरण |
|---|---|---|---|---|
| 1 | दिलावर - घड़ियाल से जंग | 1970 के दशक के अंत में | ₹1 | |
| 2 | दिलावर - मौत की घाटी | 1970 के दशक के अंत में | ₹1 | |
| 3 | दिलावर - कातिलों की टोली | 1970 के दशक के अंत में | ₹1 | |
| अनिश्चित | दिलावर - जादूगरनी का रहस्य (इस अंक में कवर से दिलावर का उपरी स्ट्रिप हटा दिया गया था. निश्चित तौर से यह कॉमिक्स बाद की होगी क्योंकि कवर सज्जा और मूल्य में बहुत अधिक अंतर है) |
1980 के दशक के प्रारंभ में | ₹3.50 |
मोटू-पतलू या लौरेल हार्डी के किसी भी कॉमिक्स की जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है. खोज जारी है जैसे ही जानकारी मिलेगी मैं ब्लॉग में अपडेट करूँगा. यह प्रकाशन इतना ज्यादा अनजाना सा है कि कॉमिक्स के संग्राहकों के पास इनकी बहुत ही कम प्रतियां होने का अनुमान है. और दुर्भाग्य से सभी संग्रहकर्ता सहयोगकर्ता नहीं होते हैं, बहुत ही विरले हैं जो सहयोग की भावना रखते हैं.








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